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आदमी (नवगीत)

ईश्वर दयाल गोस्वामी

ईश्वर दयाल गोस्वामी

गीत

December 31, 2016

नवगीत

श्याम-पट पर
अक्षरों-सा
नहीं चमकता आदमी ।

अक्षरों पर
श्याम-पट-सा
काला दिखता ।
ज़हर ज़माने
का काग़ज पर
है यह लिखता ।
अंधकार में
जुगनू जैसा
नहीं दमकता आदमी ।

वियर बार में
रोज़ सबेरे
मंजन करता ।
कटुता और
घृणा से ही
यह रंजन करता ।
मित्रों की भी
त्रयोदशी की
बाट जोहता आदमी ।

कानों में
चमगादड़ लटकी
फड़-फड़ करती ।
आँखों में
सारी दुनियाँ ही
रोज़ खटकती ।
जिह्वा के बिच्छू
का निशिदिन
डंक पटकता आदमी ।

Author
ईश्वर दयाल गोस्वामी
-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार... Read more
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