Skip to content

आदत से मजबूर

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

April 28, 2017

जल्दी से माने कहाँ,अपना कभी कसूर !
ऐसा ही है आदमी, .आदत से मजबूर!!

करते है आलोचना,…देते हैं उपदेश !
वोजब कर सकते नही,कुछ भीअगर रमेश!!

कौन करेगा आपकी,…. बातों पर विश्वास!
अगर जगाकर तोडदी, सहज किसी की आस!
रमेश शर्मा.

Share this:
Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
Recommended for you