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आतंकी

डॉ०प्रदीप कुमार

डॉ०प्रदीप कुमार "दीप"

कविता

May 2, 2017

” आतंकी ”
—————

अमानुष वो
बने हुए हैं…..
रक्त-पिपासु
आतंकी |
ढ़ाल बनाकर
मजहब को
उसको कर देते
कलंकी ||
फेंक के चोला
मानवता का
तांडव करते हैं
दानव |
बच्चे देंखें……
ना वो बूढ़े !
फिर कैसे कहूँ ?
उनको मानव ||
भर लेते
जेहाद जहन में
थामें हाथों में
खंजर |
सुन्दर सब
एहसास मर गये
दिल हुआ उनका
बंजर ||
——————————-
– डॉ० प्रदीप कुमार “दीप”

Author
डॉ०प्रदीप कुमार
नाम : डॉ०प्रदीप कुमार "दीप" जन्म तिथि : 02/08/1980 जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत) शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल ) सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार | सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान... Read more
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