कुण्डलिया · Reading time: 1 minute

आतंकवाद

एक कुंडली प्रयास आतंकवाद पर

आतंकी गठजोड़ से,मची देश में त्राहि।
जतन करो रोक लो,फैल रही है तबाही।।
फैल रही तबाही,देशहित कौन हो आगें।
रोक सके जो इसे,ऐसा अब मानुस जगे।।
कहे संध्या सुन लो,अब तुम मेरे ये बात।
समय रहते बुझ लो,निकल जाये न ये रात।।

✍संध्या चतुर्वेदी

32 Views
Like
You may also like:
Loading...