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आज बुलाऊ में

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

October 10, 2017

?वापस आजा में बुलाऊ?

रूठे रूठे यार मनाऊ,,,
लिखू कविता उसे सुनाऊ,,,

दिल की धड़कन वो बनजाये,,,
में उस की तड़पन बनजाऊ,,,

बेचैनी बेताबी का आलम,,,
कदम सम्भालो में समझाऊ,,,

दूर दूर होने में क्या है,,,
चूर चूर न में हो जाऊ,,,

तेरी बातो का ही असर,,,
मत रूठो में न खो जाऊ,,,

मनु पुकारे आभी जाओ,,,
कही बहुत दूर में निकल जाऊ,,,

मानक लाल मनु?
सरस्वती साहित्य परिषद?

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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