"आज के विद्यार्थी"

जिन्हें जाना था विद्यालय,
वो मदिरालय को जाते हैं।
जिन्हें गाना था जन गण मन,
वो फ़िल्मी गीत गाते हैं।।
बिछा सकते नही जो,
प्रेम की एक भी चादर।
वही बारूद मंदिर और,
मस्जिद में बिछाते हैं।।

जयंती याद जिन्ना की,
आरती राम की भूले।
रटे हैं गीत कजरारे,
ये बंदे मातरम भूले।।
महापुरुषों के बारे में,
नकारा हो गया चिंतन।
विपाशा का जन्मदिन याद,
गांधी का जन्म भूले।।

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