आज की यारी (हरियाणवी)

आड़े कौन किसका दोस्त स, सब मतलब के ऐ यार सं,
यारी दोस्ती के नाम प लोग करैं आजकाल व्यापार सं।

जब ताहीं गरज रहवै आड़े एक थाली म्ह लोग खावैं,
एक ब गरज लकड़े पाछै वे हे यार बोल जावैं पार सं।

सही सलाह देवैं कोणी, हर दम नाश करण की सोचैं,
क्यूकर होवै नाश यार का हर पल करैं सोच विचार सं।

यार की पीठ पाछै उसकै घरां जावैं मुँह प बणै आछै,
यार की बहु, बेटी नै तक लें, उसकै घरां पाकै जार सं।

साची यारी के मतलब जाणै कोण्या लोग दिखावा करैं,
मुसीबत म्ह टोहै पावैं ना, झूठे करैं सारै कोल करार सं।

यारी निभाई श्री कृष्ण नै सुदामा का टोटा दूर कर दिया,
साचै याराँ खातर तै खुद भगवान के खुलै पड़े द्वार सं।

करण निभा गया यारी दुर्योधन प आपणी जान वार कै,
बता गया दुनिया नै वो यारी आगै सारे रिश्ते लाचार सं।

कह गुरु रणबीर सिंह दोस्ती करै तै दिल तै निभाइयो,
जो देवैं धोखा दोस्ती म्ह सुलक्षणा वे मानस बेकार सं।

©® डॉ सुलक्षणा अहलावत

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लिख सकूँ कुछ ऐसा जो दिल को छू जाये, मेरे हर शब्द से मोहब्बत की...
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