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आज कल शायरी चल रही है सनम

Govind Kurmi

Govind Kurmi

गज़ल/गीतिका

December 10, 2016

आज कल शायरी चल रही है सनम!

मिलने की है यादें बिछड़ने के है गम!

गाऐ जा रहे है किस्से मुलाकातों के हम!

बेवफा न कहा तुझे किसीसे मेरे हमदम!

मिलना न हमको दोबारा तुम्हें मेरी कसम!

काफ़ी है इतना ना करना अब कोई सितम!

दिन तो छोटे थे रातें भी पड़ गई अब कम!

मुलाकातों की यादें है इन दर्दों पर मरहम!

बस कुछ इस तरह से जी रहे हम!

आज कल शायरी चल रही है सनम!

Author
Govind Kurmi
गौर के शहर में खबर बन गया हूँ । १लड़की के प्यार में शायर बन गया हूँ ।
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