.
Skip to content

आज ,कल ,कभी

रवि रंजन गोस्वामी

रवि रंजन गोस्वामी

शेर

August 3, 2017

आज उसने बहुत बातें की ,
क्या न कहने की कोशिश की?

सालों तक लटका रहा था,
बस एक पल का फैसला था ।

कभी चाहा था आसमां छू लूँ
अब चाहता हूँ बस सर उठा के चलूँ ।

Author
Recommended Posts
***आज बस आज **
आज यह वादा करो आज यह इरादा करो आज में ही जीना है आज में ही मरना है आज बस आज है आज के बाद... Read more
कभी लेखनी कहती है ।
कभी कभी कागज कहता है , कभी लेखनी खुद कहती है आज तुम्हें कुछ लिखना हैं । नही आ रहा तो सिखना है । कभी... Read more
कभी कोई कभी कोई
जलाता है बुझाता है कभी कोई कभी कोई। मेरी हस्ती मिटाता है कभी कोई कभी कोई।।1 बुरा चाहा नहीं मैनें जहाँ में तो किसी का... Read more
इश्क
किसी दिल से नहीं करना कभी औकात की बातें, जब रिश्ते टूट जाते हैं तो उन हसीं रात की बातें, इन दो लभो के दर्मियां... Read more