May 12, 2021 · कविता
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आज आसमान साफ है।

कुछ दिन भयानक तूफान था,
पर आज आसमान साफ है,

आंसुओं के सैलाब में उफान था,
पर आज आसमान साफ है,

थी छाई डरावनी काली घटा,
पर आज आसमान साफ है,

दिल पे बिखरी थी दुखदाई बादलों की छटा,
पर आज आसमान साफ है,

काले बादलों जैसा ही काला अतीत था,
पर आज आसमान साफ है ,

डरा हुआ सहमा सा मन मेरा व्यथित था,
पर आज आसमान साफ है।

कवि-अंबर श्रीवास्तव।

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Amber Srivastava
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