Aug 15, 2016 · कविता

"आजादी चाहिए"

अब भी हमें आजादी चाहिए,
भ्रस्टाचार और बेईमानी से ।
कब हमको निजात मिलेगा,
इस आंतकवाद पाकिस्तानी से ।।

देश को अभी आजादी चाहिए,
आरक्षण की काली छाया से ।
इन नेताओ को मुक्ति चाहिए ,
काले धन की मोह माया से ।।

जरा दुरी हमें बनानी होगी ,
इस चीन देश अभिमानी से ।
अब भी हमें आजादी चाहिए,
भ्रस्टाचार और बेईमानी से ।

बहिष्कार हमे करना होगा,
इस चाइना के सामान का ।
बदला हमको लेना होगा ,
ऐन एस जी के अपमान का ।।

बहनो को आजादी चाहिए,
बदमाशो की मनमानी से ।
अब भी हमे आजादी चाहिए,
भ्रष्टाचार और बेईमानी से ।।

संस्कृति हमे बचानी होगी ,
पश्चिम की नंगी आंधी से ।
देश को अब छुटकारा चाहिए,
नेहरू जी और गांधी से ।।

अब सीख हमे लेनी होगी ,
सच्चे वीरों की कुर्बानी से ।
अब भी हमें आजादी चाहिए,
भ्रस्टाचार और बेईमानी से ।।।

रचनाकार :—- जगदीश गुलिया

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