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आखिरी सफ़र (ग़ज़ल)

Onika Setia

Onika Setia

गज़ल/गीतिका

August 22, 2017

कैसी ख़ुशी ,कैसा गम ,हो चाहे कैसी भी डगर,
कज़ा आई और ख़ामोशी से किया आखिरी सफ़र|

लाये क्या थे अपने साथ ,खाली थे हाथ अपने,
अब जा रहे है जहाँ से सब कुछ यहीं छोड़कर|

जिस जिस्म पर गुरुर किया था,उसका हाल देखो,
बेजान सा,बेज़ार सा ख़ाक को हो रहा है नज़र|

कौन रफीक,कौन रकीब ,सब जीतेजी के झगडे हैं,
कौन जाने ,कब किसका बुलावा जाये,क्या खबर?

हकीक़त है यह जहाँ है बहुत खुबसूरत ख़्वाब गाह,
और इस खुबसूरत ख़्वाबगाह में कब्रगाह भी है मगर|

Author
Onika Setia
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक , लिंक्ड-इन , दैनिक जागरण का जागरण -जंक्शन ब्लॉग, स्वयं... Read more
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