आओ साथ चलें हम

बिछायेंगे कांटे राहों में
आगे बढ़ने नहीं देंगे
जो अकेले चलोगे राहों में
विरोधी घेर लेंगे
मंज़िल एक है और राह भी
साथ चलेंगे तो कोई भी
तूफान झेल लेंगे।।

मैं बड़ा तू छोटा,
इन बातों में क्या रखा है
मैं सही तू गलत,
साबित करने में क्या रखा है
फूल है हम सब एक ही चमन के
उसी से है हमारा वजूद और
उसी ने हमे सबकुछ दे रखा है।।

छोटी छोटी बातों पर
इस तरह आक्षेप अच्छे नहीं
बड़े हो गए है हम सब
अब स्कूल जाते बच्चे नहीं।।

अलग है हम रंग रूप में,
है अलग हम वेश भूषा में
लेकिन भारत माता रूपी गुलदस्ता
जब मिलाकर बनता है हमसे
उसकी खूबसूरती बढ़ जाती है
फूलों को इसी विविधता से।।

एक बगिया के फूल है हम
तूफान आया तो सब बिखर जायेंगे
मिलकर हम ऐसी दीवार बनाएं
तूफानों की तेज़ हवा भी हमें
कभी छू तक ना पाएं।।

साथ चलेंगे तभी मंज़िल मिलेगी और
दुश्मन की हिम्मत जवाब दे जाएगी
मिलकर कोशिश करेंगे तो जल्द
चमन में फिर बहार आ जाएगी।।

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