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आओ रोपें इक तरुवर हम

Rita Singh

Rita Singh

कविता

May 19, 2017

आओ रोपें इक तरुवर हम
अपनी प्यारी तनुजा के नाम
सींचें उसको नित प्रेम से
आएगा वह सबके काम ।

प्रेम जल से सिंचित तरुवर
बेटी सम परवाह करते हैं ,
ताप घना सहकर भी वे
शीतल छाया देते हैं ।

हर संताप बंजर धरती का
स्वच्छ बयार बहाते हैं ,
पुष्पित होकर वे सदा ही
सुरभित जग कर जाते हैं ।

डॉ रीता

Author
Rita Singh
नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन... Read more
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