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आओ बच्चो खेले खेल

Bhupendra Rawat

Bhupendra Rawat

कविता

August 21, 2017

आओ बच्चो खेले खेल
घोडा,बिल्ली और ये है रेल
बड़े अज़ब के है ये खेल
किस्म किस्म के है सब खेल
आओ मिलकर खेले खेल
बचपन के है ये सब खेल
छुक छुक करके चलती रेल
जोड़े डिब्बा बनाये रेल
आओ मिल कर हम चलाए रेल
बचपन को ना बनाये ज़ेल
बच्चों के ही तो है ये सब खेल
बचपन की सजाए बेल
नए नए किस्म के लाये खेल
विडियो गेम और मोबाइल है सब फेल
बचपन के नही ये खेल
जिंदगी की चलाए रेल
आओ सब मिलकर खेले खेल
घोडा,बिल्ली और ये है रेल

भूपेंद्र रावत
21/08/2017

Author
Bhupendra Rawat
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।
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