.
Skip to content

आएगा चितचोर

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

May 21, 2017

बदरा बरसे झूमकर ,करे बिजुरिया शोर !
बैठे कंत विदेश में ,मन में उठे हिलोर !!

हवा कान में कह गयी , आयेगा चितचोर !
सागर उमडा प्यार का ,मन में उठे हिलोर! !

काँव काँव कागा करे, छत- मुँड़ेर पुरजोर !
साजन की अब बाट है,मन में उठी हिलोर !!
रमेश शर्मा.

Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
Recommended Posts
मन मे उठे हिलोर
रात चाँदनी चाँद की ,कालिंदी कर शोर ! देख नजारा ताज का,मन में उठे हिलोर !! ज्यों चंदा की चाह में ,.पागल रहे चकोर! त्यों... Read more
सुन मन मेरे
???? सुन मन मेरे चल आज कुछ करें मन की मन में न रहे चल कुछ करे सुन्दर प्रकृति बड़े कितने रंग बिखेरे पड़े चल... Read more
स्वयं सुधार
स्वयं सुधार कर एक नयी शुरूआत करे घने अज्ञान के तम मे ज्ञान का प्रभात करे समय को बहुमूल्य समझे इसे न व्यर्थ बर्वाद करे।... Read more
** मोरों दे बिच **
बैठी मोरों दे बिच गोरी हाथ में लेके मोर पंख ** सोचन लागी मन में क्या मोरों दे बिच *** कण्ठों में कंठी कानो में... Read more