कविता · Reading time: 1 minute

आंतकवादी

आंतकवाद पर कविता

इंसान में इंसानियत का विवाद
गैर कानूनी कार्य है आंकवाद ।

फल फूल रहे है चोरी ,बलात्कार, दंगे फसाद ,
अपहरण ,लड़ाई झगड़ा ,बम ब्लास्ट ।

भयावह रूप ली केसी आंतकवाद,,
हथियारो में झूल रहे नक्सलवाद।

समस्या है यह, आंकवादी के बढ़ने की ,,
बंदूक ,तोफे ,हाड्रोजन बम ,तोफे ,मिसाइल की मात्रा में बढ़ने की ।

कुछ गरीब लोग ,पैसे के लालच में आतंक का हाथ थाम लेते है ,,,
गोधरा कांड
,खालिस्तान की मांग , जैसे

करके गलत काम, रातों रात
अमीर बन जाते है ।

जिहाद के नाम पर ,गलत शिक्षा, नासमझ ,छोटी उम्र के
बच्चो को दे जाते है,,,
जिसके चलते बहला फुसला कर, आजकल नोजवान को
मानव बम्ब बना जाते है ।

ऐसी वैसी शिक्षा क्रूर बन गई थी ,
जिसके चलते राजीव गांधी को आकाश में उड़ा दी गई थी

प्रवीण भी कहे , विश्वव्यापी आंतकवादी की जड़ को उखड़ना होगा ,
हमारे देशमें ही शांति का पाठ की शिक्षा, महात्मा गांधी जी का अहिंसा परमो धर्म अप नाना होगा ।

✍प्रवीण शर्मा ताल
जिला रतलाम
टी एल एम् ग्रुप संचालक
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स्वरचित

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