" आंखें मुन्द रही हैं , प्यार में " !!

कल्पनाएं मधुर ,
पलकों पर विराजी !
सिमटी लाज में ,
काया कसमसाती !
कनक आवरण सजा –
खुमार में !!

मुस्कराना नाम ,
तेरे कर दिया है !
खुशहाली को ,
एक नया घर दिया है !
भावनाएं रंग भरे –
मनुहार में !!

नज़राना मिला ,
मीठी सी ठगी का !
इतराना हुआ ,
मेरी बन्दगी का !
तर-बतर मन हुआ –
पुकार में !!

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 112

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share