आँसुओं को गिरने दो....

आँख से आँसुओं को गिरने दो
कभी तो आँसू मोती होगा
उजालों में अंधेरा रहने दो
कभी तो अंधेरा काजल होगा
पतझड़ में सावन को आने दो
कभी तो जीवन हरा-भरा होगा
कठिनाइयों से स्वयं ही लड़ने दो
मंजिल मिलेगी और तजुर्बा होगा

✍️रमाकान्त पटेल

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युवा रचनाकार , समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित । Gmail.- ramakantpatel141@gmail.com
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