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आँखों में क्यूँ नमी रहे

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

September 18, 2017

ग़र चाँदनी खिली रहे
तो दूर तीरग़ी रहे

अरमान सारे ख़ाक़ हैं
बस दिल में बेबसी रहे

खुशियाँ मिली है सारी तो
आँखों में क्यों नमी रहे

रूठो न यार तुम मुझसे
ये दोस्ती बनी रहे

आखों से जाम छलका दे
फिर दूर तिश्नग़ी रहे

जब तक रहे तू सामने
ये सांस भी रुकी रहे

दामन छुड़ा न मुझसे तू
कुछ देर और खड़ी रहे

मँहगाई ने रुला दिया
अब ये न मुफ़लिसी रहे

अब हम जहाँ मिलें सनम
वो शाम क्यूँ ढली रहे

तेरे बग़ैर होठों पर
फ़रियाद इक दबी रहे

“प्रीतम” न प्यार हो जुदा
सबको सनम मिली रहे

प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
2212 1212

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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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