आँखे

यकीन हुआ आज सुना था,
जिसके बारे में बहुत पहले !
मुहब्बत शुरू होती है,
आखो से पहले पहले !!

लगता है अब एक
दास्तान फिर जवान होगी !
उसकी आँखे मुस्कराई है
उसके होठो से पहले !!

राज समझ में आया
यूँ जमीन के चक्कर खाने का !
उसने भी इन आँखो को
देखा होगा कहीं बहुत पहले !!

आँखो आँखो मे जो
“सलिल” पी ली है तूने !
खत्म ना होगी ये मदहोशी
अब कयामत से पहले !!

Like 11 Comment 8
Views 63

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share