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आँखें ही करें बातें होठों पे तो ताले हैं

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

December 14, 2017

आँखें ही करें बातें होठों पे तो ताले हैं
देखे ये तुम्हारे ही अंदाज़ निराले हैं

अब तू ही बता तुझसे हम कैसे जुदा होंगे
जब हम औ हमारा दिल सब तेरे हवाले हैं

हम जागे या सो जायें तुम सामने रहते हो
सब सपने तुम्हारे ही जो आंखों में पाले हैं

कुछ दोस्त हमारे तब दे घाव बड़े देते
जब घोंपते पीछे से वो धोखे के भाले हैं

आंखों से हमारे अब बरसात बहुत होगी
घिर यादों के आये जो बादल बड़े काले हैं

बिखरा के खुली जुल्फें हम रहते हैं खोये से
कुछ शौक हमारे भी दीवानों वाले हैं

सुन ‘अर्चना’ मन सबके , भगवान सदा बसते
गर राह चलो उनकी , जीवन में उजाले हैं

14-12-2017
डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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