23.7k Members 49.8k Posts

असर

नफरतो के असर दिखाई दे रहे है

हर तरफ कहर दिखाई दे रहे है

असर क्या हुआ जश्ने आज़ादी का

लाशो के शहर दिखाई दे रहे है

गाँव की मिट्टी गुम हो गई है कहीं

रिश्ते नाते नहीं दिखाई दे रहे है

भटक रहे है नौजवां राहे मंजिल की

पढ़कर भी अनपढ़ दिखाई दे रहे है

मेरी शक्सियत भी कहीं खो चुकी

बुढ़ापे के असर दिखाई दे रहे है

मै भारत हूँ मुझे मत बांटो ‘’बनारसी’’

मुझमे जीने के और दिन दिखाई दे रहे है

Like Comment 0
Views 8

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
अजय शुक्ला '' बनारसी ''
अजय शुक्ला '' बनारसी ''
मुंबई
12 Posts · 404 Views
अजयप्रकाश सा. शुक्ला , निवास : मुंबई , महाराष्ट्र पैत्रिक निवास : भदोही , उ....