अल्फाज़ों को

अल्फाज़ों को अपनी इबादत का , बना लो हिस्सा
जिन्दगी तुम्हारी यूं ही , न हो जाए किस्सा
खुदा के अरमानों को , अपने अरमान समझो
खुदा के करम को बना लो, अपनी जिन्दगी का हिस्सा

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मैं अनिल कुमार गुप्ता , शिक्षक के पद पर कार्यरत हूँ मुझे कवितायें लिखने ,...
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