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* अली को मंजूर नहीं मिलना तो क्या *

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

October 15, 2017

15.10.17 **रात्रि** 10.11

हो दुनियां मुख़ालिफ़ हमारे तो क्या

हम इश्क में जां अपनी दे तो क्या

अलीफ हम है एक दूजे के सनम

अली को मंजूर नहीं मिलना तो क्या ।।

?मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more

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