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अभी तो कोई पराया नज़र न आया मुझे

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

September 18, 2017

ग़ज़ल
*******
किसी ने ऐसे नज़र से है गिराया मुझे
कि हर घड़ी तो सताता ग़मों का साया मुझे
???
वो क़समे-वादे तुम्हारे कहां गये हैं सनम
ख़ता हुई है क्या मुझसे जो यूँ भुलाया मुझे
???
भुला दूँ कैसे ऐ माँ तेरी उस मुहब्बत को
जो खुद तो भूखी ही रह कर सदा खिलाया मुझे
???
मैं छोड़ कैसे दूँ तन्हा उसे ज़माने में
पकड़ जो उँगली मेरी चलना है सिखाया मुझे
???
करूँ मैं किस से अदावत ज़माने में लोगों
अभी तो कोई पराया नज़र न आया मुझे
???
किसी आँखों का तारा हूँ ऐ सितमग़र सुन
समझ के खाक़ जमीं का न जो उठाया मुझे
???
दिया हमेशा सनम तुमको बाहों का बिस्तर
ये प्यार कैसा कि काँटों पे है सुलाया मुझे
???
न जाने कौन सी मुझसे ख़ता हुई “प्रीतम”
किया था वादा हँसाने का पर रुलाया मुझे
???
प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
13/09/2017
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1212 1122 1212 22
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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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