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अभिनव के अनुभवी शब्द

[ 16/09/2020] दोहा,छन्द
अभिनव के अनुभवी शब्द:-
*सत्य*
दुनियां को न देखिये,
अपने मन को देख ।
अंतर्मन को झांकलो,
मिल जाएंगे द्वेष । ।

प्रात:काल उठ कर सभी,
मात पिता सिर नाय ।
कष्ट दूर हो आपके,
प्रभु जी करें सहाय ।।

सत्य राह चलते रहो,
कर्म करो नित नेक।
सौम्य कर्मों से सदा,
जगता रहे विवेक।।

सत्य कभी मिटता नही,
गहरी इसकी मूल ।
झूठ करे घायल सदा,
बने झूठ जब शूल।।

सत्य छुपाते है सभी,
झूठ का करते मोल।
न्यायालय में देखिये,
लग रहे इसके बोल।।

-अभिनव मिश्र✍️✍️

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