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अभिनन्दन गीत- स्वागत गीत

साहेबलाल 'सरल'

साहेबलाल 'सरल'

गीत

January 27, 2017

अभिनन्दन है, अभिनन्दन, अभिनन्दन है, अभिनन्दन।
पावन इस बेला पर करते, हम सब जन मिलकर वंदन।।

अहोभाग्य अपना है ये कि, आप हमारे बीच पधारे।
नहीं बता सकते हैं कितने, हर्षित जन गन मन सारे।।
रजधूलि पे कदम पड़ा तो, महक उठी है रज कणकण।
अभिनन्दन है, अभिनन्दन, अभिनन्दन है, अभिनन्दन।1।

एक निवेदन को स्वीकारे, सभी आपके आभारी।
मान बढ़ाये शान बढ़ाये, जाये तुम पर बलिहारी।।
जयजय बोल रहे हैं सबही, होकरके चन्दन चन्दन।
अभिनन्दन है, अभिनन्दन, अभिनन्दन है, अभिनन्दन।2।

याद किया हमने और तुमने, हमको नहीं निराश किया।
दरस आपके मानो जिसने, दिल में परम् उजास किया।।
होता रहे आपका हरदम, आगमन अब तो श्रीमन।
अभिनन्दन है, अभिनन्दन, अभिनन्दन है, अभिनन्दन।3।

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Author
साहेबलाल 'सरल'
संक्षेप परिचय *अभिव्यक्ति भावों की" कविता संग्रह का प्रकाशन सन 2011 *'रानी अवंती बाई की वीरगाथा' की आडियो का विभिन्न मंचो में प्रयोग। *'शौचालय बनवा लो' गीत की ऑडियो रिकार्डिंग बेहद चर्चित। *अनेको रचनाएं देश की नामचीन पत्र पत्रिकाओं में... Read more
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