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अब वो यार हमारा है देखिये

Bhupendra Rawat

Bhupendra Rawat

गज़ल/गीतिका

August 27, 2017

अब वो यार हमारा है देखिये
ऐसा प्यार हमारा है देखिए

दिलकश अदा है उसकी मारने वाली
अब बिमार दिल हमारा है देखिये

ज़िन्दगी अब तुम ही तो हो
वो ही जीने का सहारा है देखिये

अस्क़ाम नही कोई भी हम पर
प्यार एक ख़ुमार हमारा है देखिए

अस्क़ाम= बुराइयां, कमज़ोरियां, कमियां

चीज़ नही कोई वो हमारे लिए
चश्म-ओ-चिराग वो हमारा है देखिए

चश्म-ओ-चिराग=आंख का प्रकाश, प्रिय

निगाहबां नुक्तादां है नज़दीक मेरे
तब्बसुम ही उपहार हमारा है देखिए

निगाहबां= रक्षक, देख भाल करने वाला
नुक्तादां= बुद्धिमान

नदीम है वो जानी मेरे
वो नसीब हमारा है देखिए

बेकार है बे कस ये ज़िन्दगी
जानी ही जीने का सार हमारा है देखिए

बे कस= अकेला, मित्रहीन

भूपेंद्र रावत
27।08।2017

Author
Bhupendra Rawat
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।
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