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अब दिया प्यार का हर घर में जलाया जाए

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

September 12, 2017

ग़ज़ल
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अब शज़र ऐसा वतन में तो लगाया जाए
प्यार के साये में घर अपना बनाया जाए

तीरग़ी ग़म की जो अब तक के सहे हैं उनको
अब दिया प्यार का हर घर में जलाया जाए

मोतबर प्यार की खुश्बू से हो सारी दुनिया
फूल ऐसा ही कोई अब तो खिलाया जाए

ज़ज़्ब कर अपनी निगाहों में ये आँसू यारों
सूखे फूलों को चलो फिर से खिलाया जाए

इनकी फितरत तो है डसने की डसेंगे सबको
दूध साँपों को भला कैसे पिलाया जाए

फल को देखे ही बिना राय न क़ायम करना
हर शज़र गंदा है ऐसा न बताया जाए

अब अमीरी या ग़रीबी को न देखो “प्रीतम”
ये है तहज़ीब गले सबको लगाया जाए

प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
08/09/2017
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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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