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अब तो सहन नही होगा

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

कविता

August 13, 2017

अब तो सहन नही होगा
किए वार पर वार पाक ने
हम सहकर मानवता करते
पर अब रहम नही होगा अब तो सहन नही होगा।
मेरा बंधु शहीद पडा है
देख दुखित भारत माता है
लहू से रंजित धरा हो रही
प्रतिशोध ही मेरा धरम होगा ।

अब तो सहन नही होगा
अब बारी है प्रतिशोध की
अपनी औकात प्रबोध की
दूर दंभ भरम होगा अब तो सहन नही होगा।
कायराना है हरकत तेरी
लड सके कहा हिम्मत तेरी
बिनाश तेरा निश्चय होगा अबतो सहन नही होगा।

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Author
Vindhya Prakash Mishra
विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र साहित्य सृजन में रूचि रखता हूँ । चिंतनशील जीव होने के कारण कुछ न कुछ सृजित करता हूँ । पर वीणापाणि माँ की कृपा दृष्टि के बिना सम्भव नहीं है । एक साधना के रूप में मनन... Read more

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