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अब तो राशन कार्ड बनाना….

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

September 6, 2016

कैसे है ये जनता के सेवक
जो जनता पर राज करते है
पहले करते जनता की चाकरी
बाद चक्कर कटवाते है,
जीत का जश्न बना कर
जाने कहाँ छिप जाते है
कुछ है जो करते है सेवा
बाकी मेवा खा जाते है,
भ्रष्टाचार की मारम मार
चारो तरफ है हाहाकार
कही चरित्रवान तो,
कही
चरित्र का अकाल है,
बक बक करने से मतलब
बोल बड़े विकराल है
बिगड़ गयी चाल है,
अब तो राशन कार्ड बनवाना
हो गयी टेड़ी चाल है,
जाने किस सफेदपोश में छिपा
“संदीप” लाल है।।

******D-S******

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
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