.
Skip to content

अब खैर नही पाक तेरी…..

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

September 19, 2016

अब खैर नहीं पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
बहुत हो चुका तेरा
आतंक का दंगा
हिंदुस्तान से लेकर पंगा
मति तेरी मारी है,
पीठ पर वार करना ना हमने सिखा
सीना हमारा फौलादी है
उठ गये कदम तेरी तरफ तो
निश्चित तेरी बरबादी है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
हिंदुस्तानी फौज शेरो की फौज है
हमारे दहाड़ने से ही
पाक गीदड़ो
तुम्हारी मौत है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
तू महामारी है तू महामारी है
दुनियां में तू आतंक की महामारी है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है।।

।।जय हिन्द।।

^^^^^^^^D*S^^^^^^^^

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
Recommended Posts
अब तो सहन नही होगा
अब तो सहन नही होगा किए वार पर वार पाक ने हम सहकर मानवता करते पर अब रहम नही होगा अब तो सहन नही होगा।... Read more
पाक में पाक क्या होगा.....
पाक में पाक क्या होगा जब इरादे ही नापाक हैं... सियासी चालों और मक्कारी की तू जीती जागती मिसाल है, ताशकंद ,शिमला समझौता तेरे लिये... Read more
शेर :-- बहुत हुआ समझौता अब ऐ पाक तुम्हारी बारी है !!
पाक तुम्हारी बारी है ......!! बहुत हुए समझौते अब सुन पाक तुम्हारी बारी है । हमने तो भाई समझा था पर तुझमे मक्कारी है ।... Read more
ज़िन्दगी तेरी होने लगी है
ज़िन्दगी तेरी होने लगी है सपनों में तेरे खोने लगी है लब भी नाम तेरा बुदबुदाते है अब तेरी आदत सी होने लगी है कोरे... Read more