Sep 19, 2016 · कविता

अब खैर नही पाक तेरी.....

अब खैर नहीं पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
बहुत हो चुका तेरा
आतंक का दंगा
हिंदुस्तान से लेकर पंगा
मति तेरी मारी है,
पीठ पर वार करना ना हमने सिखा
सीना हमारा फौलादी है
उठ गये कदम तेरी तरफ तो
निश्चित तेरी बरबादी है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
हिंदुस्तानी फौज शेरो की फौज है
हमारे दहाड़ने से ही
पाक गीदड़ो
तुम्हारी मौत है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है,
तू महामारी है तू महामारी है
दुनियां में तू आतंक की महामारी है,
अब खैर नही पाक तेरी
तेरे मिटने की बारी है।।

।।जय हिन्द।।

^^^^^^^^D*S^^^^^^^^

5 Comments · 212 Views
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज...
You may also like: