अपनी शरण मे ले लो माँ

मुझे अपनी शरण मे ले लो माँ,
ममता के आँचल में ले लो माँ
माँ अम्बे तू दया का सागर,
तेरी कृपा से भर गया गागर,
मुझे अपनी शरण मे ले लो माँ,
मैं द्वार तिहारे आन पड़ा माँ,
मेरी सुधि ले लो मेरी अम्बे माँ,
मुझे अपनी शरण में ले लो माँ,
सारे जग में घूम के आया हूँ,
तेरे जैसा मीत न पाया हूँ,
हर लो माँ मेरे दुःख संताप को,
दया की नजर फेरो माँ अम्बे तुम,
मुझे अपनी शरण में ले लो माँ,
तेरे भक्तो ने जब भी पुकारा माँ,
पल में आके तूने दिया है सहारा,
बनके चाकर तेरे चरणों का,
करता रहूँ निष्काम मैं सेवा,
हर पल तेरा ध्यान धरूँ माँ,
मुझे अपनी शरण मे ले लो माँ,
तेरे चरणों के धूल की महिमा,
पापी को भी तार दे जग से,
धन दौलत न मांगे बेदर्दी,
अपनी चरणों में ले लो माँ,
मुझे अपनी शरण में ले लो माँ,

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