31.5k Members 51.9k Posts

अपनी नींद ज़ाया न कर

Apr 9, 2020 12:36 PM

अपनी नींद ज़ाया न कर
मोहब्बत है तो बता दे
खुद को तड़पाया न कर
इज़हार ए इश्क़ थोड़ा मुश्किल है
ऐसे इश्क़ को भुलाया न कर

ग़नीमत है इश्क़ हुआ
इस दौर में हर किसी को
अपना बताया न कर
आबरू ही तो है सब कुछ
अज़नबी पर यूं जान लुटाया न कर

आज नही तो कल उड़ ही जाना है
परिंदा का कहां ठिकाना है
अपना आशियाना बना
हर किसी की बात पर आ जाया न कर

तू पंछी है खुले आसमान का
पंख फैला क्षितिज को चूम आ
हर डाल पर बैठ समय ज़ाया न कर

भूपेंद्र रावत
6।04।2020

2 Likes · 2 Views
Bhupendra Rawat
Bhupendra Rawat
उत्तराखंड अल्मोड़ा
312 Posts · 12.4k Views
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को...
You may also like: