अन्तस् पीड़ा

अन्तस् पीड़ा अब बखान कर दीजिए
अजीज हो विश्वश्त तो कह दीजिए
घुटन सहने से अच्छा है कहना जनाब
लीजिए ना दिल पर मरहम कीजिए ।।
💐 मधुप बैरागी

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