कविता · Reading time: 1 minute

अनुशासन

अनुशासन

आज देश में चाहिए
अनुशासन
संसद से
सड़क तक

घर परिवार से
पाठशाला तक

बच्चों से
बुजुर्गों तक

सास से
बहू तक

जब अनुशासित रहेंगे
सब
घर परिवार
समाज
देश करेगा
विकास और
सभी होंगे
खुशहाल

लेखक संतोष श्रीवास्तव बी 33 रिषी नगर ई 8 भोपाल

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