23.7k Members 49.9k Posts

अनुभव की माला

जो कर्म को आईना बना कर आगे बढ़ते हैं
उनकी तस्वीर बहुत चमकदार बनती है
खा खा के ठोकरे सीखते जाते हैं तजुर्बे
तभी तो उनकी छवि खुश्बूदार बनती है
रात भर में कोई मश्हूर नही होता
सभी ने खुद को दिन रात तपाया होता है
अच्छे वक्त में जो तारीफ करे जोरों से
व्ही बुरे वक्त में अक्सर पराया होता है
मलिक की कलम करती नहीं वार किसी के जख्मों पर
बस उसने तो कड़वी सच्चाई से रूबरू कराया होता है
दुनिया को जीतना असम्भव नहीं प्यारे
मायूस आदमी तो खुद का ही हराया होता है
कर ले हर पल उस मालिक को याद
नहीं तो वक्त की सुनामी कर डालेगी बर्बाद
बदलते वक्त में तो परछाई भी परायी है
तभी तो अब तेजी से मैंने कलम चलायी है
अच्छे सन्देश जन जन तक पहुँचाने है
कुछ भटके सही राह पर लाने हैं
अंतरात्मा से लो निर्णय हर पल धैर्य से तुम
छोड़ के झमेले बस हो जाओ उस खुदा में गुम
फिर देखो तो कुदरत के रंग
कैसे चलती है पल पल तुम्हारे संग
परीक्षा कड़ी होगी माना है
कुदरत के संग मुश्किल नहीं कुछ यही जाना है
मेरे लफ्जों को मिल जाये अगर सच्ची वाहवाही का साथ
कसम से शब्दों से कर दू कमाल हाथों हाथ
अपने कर्म से , शर्म से , धर्म से अपना वक्त गुजार लीजिये
इंसान हो बन्धु इंसानियत का ही परिचय दीजिये
बन जाओ खुद की नजरों में शरीफ
तुम्हारी आत्मा ही सच्ची सखी है
कर लो डट कर अच्छे कर्म इस धरा पर
वर्ना तो दुनिया तो भगवान से भी दुखी है
फर्ज की आवाज को न करना तुम फीका
कर्म का लगाते रहना नित नित टीका
निंदा से होकर दूर डुबो कुदरत के प्यार में
प्रेम की गंगा हो सके तो बहा दो इस संसार में
लिखावट में हुई कमी की मेरी तरफ से माफ़ी है
लिख पाया इतना बस यही मेरे लिए काफी है

4 Comments · 153 Views
कृष्ण मलिक अम्बाला
कृष्ण मलिक अम्बाला
46 Posts · 46k Views
कृष्ण मलिक अम्बाला हरियाणा एवं कवि एवं शायर एवं भावी लेखक आनंदित एवं जागृत करने...