May 30, 2016 · मुक्तक
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अनगिनत चाहत

हमारे दिल में रहती हैं , हमेशा अनगिनत चाहत
न लेने चैन देती ये , करें हर पल हमें आहत
न हर चाहा यहाँ मिलता , हमें मालूम है लेकिन
अगर इच्छायें पूरी हों , तो’ दिल पाता बहुत राहत

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी तो है लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद... View full profile
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