कविता · Reading time: 1 minute

अनंत गहराई

तेरी मोहब्बत का,
कुछ यूं हुआ असर,
हम खुद से ज्यादा,
तुझ पर यकीं करने लगे।
कभी-कभी लगता है डर,
तेरे प्यार की गहराई से,
कहीं डूब न जाउं,
प्यार के अहसासों में।
फिर सोचती हूं क्या हुआ …?
डूब भी गई तो!
रहूंगी फिर भी तेरे प्यार की आगोश में,
हर पल तुझे महसूस करुंगी,
प्यार की इस अनंत गहराई में।

कमला शर्मा

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