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अधूरे ख्वाब

Roli Shukla

Roli Shukla

मुक्तक

December 6, 2017

बहुत तकलीफ देती हैं वो उम्मीदें,
जो कभी पूरी नहीं होती,
किसी के जुनून से हक़ीकत की,
इतनी दूरी नहीं होती।।
हर इक शख्स चिराग की तारीफ
करता रहा उम्र भर,
क्या जलती हुए उस बाती की
कोई मजबूरी नहीं होती।।

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Author
Roli Shukla
I am too much passionate n ambitions about my goals

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