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“||अधूरा इश्क़ 2 ||”

Omendra Shukla

Omendra Shukla

कविता

January 12, 2017

“क्यूँ ख़ामोशी सी छा जाती है
क्यूँ तनहा सा हो जाता हूँ
कभी प्यार में पागल होता हूँ
तो कभी पागल प्रेमी हो जाता हूँ ,
देख तुझे तस्वीरों में
सपनों में तेरे खो जाता हूँ
पाने की एक झलक में तेरे
खुद से तनहा हो जाता हूँ ,
बहती इन फिजाओं में
खुशबू तेरी ही बसती है
है दूर तू मुझसे आज भले
हर एहसास में तू मेरे रहती है ,
बनके शोला दहकती है दिल में
जलती है आखों में चिंगारी सी तू
तू है ख्वाब मेरा और मंजिल मेरी
फिर क्यूँ अधूरी सी लगती है तू ,
जब भी सोचु मै पास तुझे
दूर ही मुझसे तू लगती है
देखू जो तुझे जीवन में
तो गैरों सी तू क्यूँ लगती है ,
छोड़ मुकद्दर पे देता मै
काश ये फैसला मेरा होता
मांगता हर पल खुशियों में
काश जो एक पल तू मेरा होता ||”

Author
Omendra Shukla
नाम- ओमेन्द्र कुमार शुक्ल पिता का नाम - श्री सुरेश चन्द्र शुक्ल जन्म तिथि - १५/०७/१९८७ जन्मस्थान - जिला-भदोही ,उत्तर प्रदेश वर्तमान पता - मुंबई,महाराष्ट्र शिक्षा - इंटरमीडिएट तक की पढाई मैंने अपने गांव के ही इण्टर कॉलेज से पूर्ण... Read more
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