अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है //गीत

मिट्टी की खुश्बू रंग बिरंग आसमां है
धरती का स्वर्ग अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है

पावन करती धरा को कल-कल बहती गंगा है
आज भी हमारा भारत सोने की चिडियां है
धर्म संस्कृति की संगम अतुल्य हमारा देश है
प्रेम से सींचा है धरा हर राह गुलिस्तां है

मिट्टी की खुश्बू रंग-बिरंग आसमां है
धरती का स्वर्ग अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है …

ये देवभूमि है हमारा भारत महान
हम भारतवासी भारत माँ के है संतान
प्रेम की भाषा जहां को सिखलाया
विश्वगुरू जहां का हमारा हिन्दुस्तां है

मिट्टी की खुश्बू रंग-बिरंग आसमां है
धरती का स्वर्ग अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है

ये देश है भूमिपुत्र का,अमर जवानो का
धरती की रानी है ये जमी धानी है
सत्य अंहिसा को अपनाया सदाचार की जननी है
चाँद में भी फहराया तिरंगा हमारा हिन्दुस्तां है

मिट्टी की खूश्बू रंग-बिरंग आसमां है
धरती का स्वर्ग अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है ..

पशु-पंछी भी पूजे जाते है ऐसा हमारा देश है
प्रकृति से धन्य-धान्य देश के कोना- कोना है
भारत माँ की चरणों में भारतवासी सर झुकाता है
गाती है पंछी-भौरा भी जय गाथाए ऐसा हिदुस्तां है

मिट्टी की खूश्बू रंग-बिरंग आसमां है
धरती का स्वर्ग अतुल्य हमारा हिन्दुस्तां है…

कवि:- दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

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