कुण्डलिया · Reading time: 1 minute

अटल जी के प्रति…..

अश्रु आ रहे आँख में,दुख उर में भर आय।
गया छोडकर के हमें,जो कैदी कविराय।।
जो कैदी कविराय,नाम था अटलबिहारी।
राष्ट्रभक्ति थी मीत,जिसे ख़ुद से भी प्यारी।।
कह सतीश कविराय,लोग सब गीत गा रहे।
सुनकर उनके गीत,आँख में अश्रु आ रहे।।
*सतीश तिवारी ‘सरस’,नरसिंहपुर (म.प्र.)

*जन-जन के प्रेरणास्रोत पं. श्री अटलबिहारी वाजपेयी जी के निधन पर सादर श्रध्दांजलि*

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