Skip to content

अजन्मी बिटिया की पुकार

vinita chauhan

vinita chauhan

गज़ल/गीतिका

January 19, 2017

अम्माँ तेरी कोख में ,दे जीवन उपहार ।
तेरे अँगना मैं पलुँ , कर सपने साकार ।

मैया कली बन खिलुँ ,दे जनम अधिकार ।
भैया की बहना बनुँँ ,न दे कोख में मार ।

लक्ष्मी बनकर आँऊगी ,तेरे आँगन द्वार ।
मेरी साज़ सवाँर कर , मैं तेरा अवतार ।

माँ की गोद में मिले ,जीवन को आकार ।
भैया के संग खेलते ,हो सपने साकार ।

Author
vinita chauhan
Recommended Posts
नन्ही चिड़िया
मैं तेरी नन्ही चिड़िया हूं आसमान में मुझे उड़ा दे बेकरार हूं उड़ने को मां मुझको इक पंख लगा दे बादल के हाथी और घोड़े... Read more
मैं और तू
मैं और तू *** शीर्ष लोम से चरण नख तक एक तेरे ही नाम से बंधी हूँ मैं अंग अंग किया अर्पण तुझ पर सौगंध... Read more
नाम कैसे दे दूँ!
तेरे मेरे सपने ... अपने प्यार को सपना नाम कैसे दे दूँ सपने तो अक्सर अधूरे ही रह जाते है अपने प्यार को धड़कन कैसे... Read more
भक्ति भावना
भक्ति भावना... ....................... मन तूं इतना सा एहसास रहने दे, भक्त हूँ जगतजननी का आभास रहने दे मैं मैं हूँ, तु तूं है ब्यर्थ है... Read more