अजन्मी बिटिया की पुकार

अम्माँ तेरी कोख में ,दे जीवन उपहार ।
तेरे अँगना मैं पलुँ , कर सपने साकार ।

मैया कली बन खिलुँ ,दे जनम अधिकार ।
भैया की बहना बनुँँ ,न दे कोख में मार ।

लक्ष्मी बनकर आँऊगी ,तेरे आँगन द्वार ।
मेरी साज़ सवाँर कर , मैं तेरा अवतार ।

माँ की गोद में मिले ,जीवन को आकार ।
भैया के संग खेलते ,हो सपने साकार ।

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "बेटियाँ"

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