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अजनबी

Mahesh Tiwari

Mahesh Tiwari

गज़ल/गीतिका

January 29, 2017

हम अजनबी थे शहर अजनबी था
किसे अपना कहते कोई नहीं था
पता पूँछते हम किससे रह गुजर का
किसको थी फुरसत कौन इतने करीब था
महज देखने को थे दिलकश नजारें
कोई लालारुख था कोई महजबीं था
लौट आये ‘अएन’ फिर अपने शहर को
बहुत साल पहले जहाँ घर कभी था

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Mahesh Tiwari
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