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अच्छे से का बोली तुम नखरे दिखात हो

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

कविता

February 19, 2017

एक बार का मानी रोजई तुम खात हो
अच्छे से का वोली नखरे दिखात हो

तन्नक ही बात मे भेजा खो खात हो
साडी मगाऊ तो मुह लटकात हो

सोतन खो रोजीना पिक्चर बतात हो
डंग का बोली तुम नागई नचात हो

जई कारण रोजीना सज सज के जात हो
मे खाऊ रोटी तुम रसगुल्ला खा त हो

मोसे से काय केत तुम भुनकभुनक जात हो
रोजीना काय अपनी ठटरी कसात हो

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Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

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