अच्छा होगा ...!!

वक़्त रहते ही तेरे पास आ जाऊ तो अच्छा होगा ..
सूरज ढलने से पहले घर आ जाऊ तो अच्छा होगा ।

इश्क़ में मुझे कोई और जलाये,
उससे पहले ही मर जाऊ तो अच्छा होगा ।

बचपन की गलतियां मुझे याद है अभी भी ,
मैं फिर से बच्चा हो जाऊ तो अच्छा होगा ।

तुम तो मेरे दिल में रहती हो ना अब भी ,
मेरे पास वापस आ जाओ तो अच्छा होगा ।

चाँद , तारे सब उदास है लेकिन ,
फिर एक दीदार कर दो तो अच्छा होगा ।

इश्क़ करना इतना भी आसान नही ‘हसीब’
मैं इसे सीख ही जाऊ तो अच्छा होगा ।

:-हसीब अनवर

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