May 11, 2021 · कविता
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अच्छा होगा

अच्छा होगा
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मन के परिंदे ने अभी तक
हौसला नहीं खोया है,
उसका आत्मविश्वास
अभी नहीं सोया है।
थोड़ा डगमगा जरूर रहा है
पर पीछे हटने का मन भी
भला कहाँ हो रहा है?
क्योंकि
अभी भी उम्मीद का जुगून
दूर ही सही चमक रहा है,
बस मात्र यही चमक
हौसला बढ़ा रहा है।
मन का आत्मविश्वास
फिर से मजबूत हो रहा है,
कालिमा छँटेगी,प्रकाश फैलेगा
चेहरों पर छाई निराश की जगह
मुस्कान फिर से होगा
न विश्वास टूटा है,न टूटेगा
कुछ भी हो जाय आस न छूटेगा
शायद इसीलिए
धैर्य मजबूत हो रहा है,
आने वाले हर पल के साथ
निश्चित ही कल अच्छा होगा
हर चेहरे पर मुस्कान
हर ओर खुशियों का डेरा होगा।
◆ सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित

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Sudhir srivastava
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संक्षिप्त परिचय ============ नाम-सुधीर कुमार श्रीवास्तव (सुधीर श्रीवास्तव) जन्मतिथि-01.07.1969 शिक्षा-स्नातक,आई.टी.आई.,पत्रकारिता प्रशिक्षण(पत्राचार) पिता -स्व.श्री ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव... View full profile
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