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अगर उम्मीद है आसार बाकी है…

govind sharma

govind sharma

गज़ल/गीतिका

December 17, 2016

जमी से आसमा का सार बाकी है,
अगर उम्मीद है आसार बाकी है।।
मुहब्बत की कहानी है यही मेरी,
लबो से हूर का इजहार बाकी है।
गरीबी ने कहा फरियाद मुझको,
कहा जीवन में ये इतवार बाकी है।
नही सुनता फलक देखो दुआ मेरी,
हवा का लग रहा,इसरार बाकी है।।
हमारे इश्क़ की परवाज में देखो,
वफाओ की नजर एतबार बाकी है।।
गोविन्द शर्मा,

Author
govind sharma
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